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एआई गवर्नेंस पर वैश्विक संवाद की शुरुआत, जिनेवा में हुआ मंथन

एआई गवर्नेंस पर वैश्विक संवाद के दौरान UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने AI की अनियंत्रित रफ्तार और इसके खतरों को लेकर दुनिया को आगाह किया।

By अजय त्यागी
1 min read
संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस

संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस

जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को दुनिया भर के देशों को आगाह किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की विकास दर इतनी तेज है कि कोई भी इसके साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहा है। उन्होंने बच्चों के लिए संभावित खतरों को कम करने और इस तकनीक को सुरक्षित बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर एक समान नियम बनाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। [1]

इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने के लिए दुनिया भर के नीति निर्माता स्विट्ज़रलैंड में एकत्रित हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस समय एआई के विकास को सही दिशा नहीं दी गई, तो भविष्य में इसके सामाजिक और आर्थिक परिणाम बेहद गंभीर और अनियंत्रित हो सकते हैं।

जिनेवा में वैश्विक मंथन

जिनेवा में आयोजित एआई गवर्नेंस पर वैश्विक संवाद के पहले सरकारी स्तर के मंच पर प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए एंटोनियो गुटेरेस ने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जो तकनीक अर्थव्यवस्थाओं को नया आकार दे सकती है, काम की दुनिया को बदल सकती है, चुनावों को प्रभावित कर सकती है और सुरक्षा के संतुलन को बिगाड़ सकती है, उसे उसकी निर्माण करने वाली कंपनियों और लोगों की क्षमता से भी अधिक तेजी से तैनात किया जा रहा है।

महासचिव ने अपने संबोधन में साफ किया कि इस शक्तिशाली तकनीक को बिना किसी नियंत्रण के खुला नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा कि तकनीक के विकास के साथ-साथ मजबूत सुरक्षा रेलिंग (नियमों के दायरे) की सख्त आवश्यकता है, ताकि यह तकनीक नियंत्रण से बाहर न हो। यदि हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को वास्तव में मानव कल्याण के लिए शक्तिशाली और उपयोगी बनाना है, तो इसके संचालन और नियमों को नियंत्रित करना ही होगा। इस बयान के बाद एआई गवर्नेंस पर वैश्विक संवाद में शामिल सभी देशों ने सुरक्षा मानकों को लेकर अपनी सहमति जताई है।

बिना संधि के नियम निर्माण

जिनेवा में शुरू हुए इस दो दिवसीय उद्घाटन सत्र का मुख्य उद्देश्य किसी अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर करना या देशों को कानूनी रूप से बांधना नहीं है। इसके बजाय, इस बैठक का मूल मकसद इस बात पर विस्तृत चर्चा करना है कि एआई से होने वाले संभावित नुकसानों को कैसे कम किया जाए और इसके जरिए मिलने वाले नए अवसरों का सही तरीके से फायदा कैसे उठाया जाए।

इस दौरान एआई गवर्नेंस पर वैश्विक संवाद के मंच पर 40 स्वतंत्र वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के एक संयुक्त राष्ट्र-समर्थित पैनल की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी। यह स्वतंत्र वैज्ञानिक पैनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के पहले वैश्विक वैज्ञानिक मूल्यांकन के निष्कर्षों को प्रतिनिधियों के सामने रखेगा, ताकि वैज्ञानिक आधार पर नियमों का खाका तैयार किया जा सके।

न्यूयॉर्क में अगला सत्र

इस दो दिवसीय संवाद को एआई सुरक्षा की दिशा में एक शुरुआती लेकिन बेहद ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। वैज्ञानिकों के इस स्वतंत्र पैनल द्वारा एक और अधिक व्यापक और विस्तृत रिपोर्ट अगले साल तैयार करने की योजना है, जिसमें एआई के वैश्विक प्रभावों का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा।

इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र इस साल की चर्चाओं and निष्कर्षों को आगे बढ़ाने के लिए अगले साल न्यूयॉर्क में इस श्रृंखला की दूसरी वैश्विक बैठक आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे एआई गवर्नेंस पर वैश्विक संवाद के इस सिलसिले से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में दुनिया को तकनीक के खतरों से बचाने के लिए एक ठोस और सर्वसम्मत नीतिगत ढांचा मिल सकेगा।

अस्वीकरण:

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। तकनीकी बदलावों और डिजिटल सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय सरकारी नियमों व साइबर सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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