खाद्य नियामक द्वारा कंपनियों को FSSAI का नोटिस और 7 दिनों का समय मिला
कंपनियों को FSSAI का नोटिस जारी कर सात दिनों में जवाब मांगा गया है क्योंकि लॉट्टे कुबेरा और एफएनपी पर भ्रामक दावों और खराब लेबलिंग के आरोप लगे हैं।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
नई दिल्ली, दिल्ली। कंपनियों को FSSAI का नोटिस मिलने के बाद देश के खाद्य उद्योग में हड़कंप मच गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने लॉट्टे इंडिया कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड, कुबेरा फूड्स और फर्न्स एन पेटल्स प्राइवेट लिमिटेड को कड़ा रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक ने इन सभी ब्रांड्स को अपने विभिन्न खाद्य उत्पादों पर भ्रामक दावे करने और लेबलिंग नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया है। [1]
नियामक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी साझा की है। सभी संबंधित कंपनियों को सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। यदि ये कंपनियां तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब देने में विफल रहती हैं, तो खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम दो हजार छह के कड़े प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
लॉट्टे इंडिया पर आरोप
कंपनियों को FSSAI का नोटिस मिलने की मुख्य वजह नियमों की अनदेखी करना है। लॉट्टे इंडिया कॉर्पोरेशन को बिना पूर्व अनुमति के पुराने नाम वाले लेबल का उपयोग करते हुए पाया गया है। नियामक ने इसके चोको पाई वेरिएंट पर किए गए सौ प्रतिशत शाकाहारी होने के दावे को पूरी तरह भ्रामक बताया है। इसके अलावा कुछ बिस्कुट स्टिक्स और लॉलीपॉप में भी निर्धारित पोषण संबंधी जानकारी गायब थी।
कंपनी के फ्रूट्स एक्लेयर्स उत्पाद पर भी गंभीर आपत्ति जताई गई है। इस उत्पाद के नाम से ऐसा भ्रम पैदा होता है जैसे इसमें असली फल शामिल हों, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है। नियमों के तहत पैकेट के सामने दिया जाने वाला अनिवार्य डिस्क्लेमर भी इस पर नहीं छपा था। इसी तरह के गंभीर मामलों को देखते हुए कंपनियों को FSSAI का नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
कुबेरा और एफएनपी पर कार्रवाई
कुबेरा फूड्स को उसके सॉफ्ट एंड फ्रेश क्रीम बन पाइनएप्पल उत्पाद पर भ्रामक दावे करने के लिए घेरा गया है। कंपनी ने पैकेट पर सौ प्रतिशत प्राकृतिक और कोई प्रिजर्वेटिव या कृत्रिम रंग न होने का बड़ा दावा किया था। जबकि जांच में इसके भीतर सिंथेटिक फूड कलर और प्रिजर्वेटिव मौजूद पाए गए हैं। यह सीधे तौर पर विज्ञापन और दावों से जुड़े सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन माना गया है।
इसी क्रम में फर्न्स एन पेटल्स को उसके रोस्टेड आलमंड चॉकलेट उत्पाद में कमियां मिलने पर कंपनियों को FSSAI का नोटिस थमाया गया है। इस उत्पाद को प्रीमियम चॉकलेट के रूप में बेचा जा रहा था, जबकि इसमें कोको बटर के साथ वनस्पति वसा का मिश्रण था। इसके पैकेट पर बादाम की मात्रा और अनुशंसित आहार भत्ते के मूल्यों का खुलासा भी नहीं किया गया था।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सरकारी नोटिस से जुड़े इस मामले में उपभोक्ता पैकेट पर दी गई जानकारी को ध्यान से पढ़ें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।