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मारुति सुजुकी की नई पहल के तहत खरखौदा में शुरू हुआ नया प्लांट

मारुति सुजुकी की नई पहल के अंतर्गत खरखौदा प्लांट में बैटरी स्टोरेज सिस्टम शुरू किया गया है जिससे सालाना चौवन टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

खरखौदा, हरियाणा। मारुति सुजुकी की नई पहल ने देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने बुधवार को घोषणा की है कि उसने हरियाणा के खरखौदा स्थित अपने अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र में एक मेगावाट ऑवर का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम चालू किया है। इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करना है। [1]

कंपनी ने इस आधुनिक बैटरी स्टोरेज सिस्टम को प्रायोगिक आधार पर संयंत्र के आंतरिक बिजली वितरण नेटवर्क के साथ सफलतापूर्वक जोड़ दिया है। इस तकनीक के माध्यम से प्लांट परिसर के भीतर सौर ऊर्जा परियोजनाओं से पैदा होने वाली बिजली का अधिकतम और सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। मारुति सुजुकी इंडिया की इस नई तकनीकी शुरुआत से देश में पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक विकास को एक नई और मजबूत दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सौर ऊर्जा का सही उपयोग

मारुति सुजुकी की नई पहल से पहले कंपनी ने साल दो हजार पच्चीस में अपने खरखौदा संयंत्र में बीस मेगावाट का एक बड़ा सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किया था। लेकिन अक्सर फैक्टरी की छुट्टियों या बिजली की कम मांग वाले समय के दौरान इस सौर परियोजना से पैदा होने वाली बिजली का पूरा उपयोग नहीं हो पाता था। मांग न होने की वजह से काफी मात्रा में हरित ऊर्जा बेकार चली जाती थी जिससे कंपनी को नुकसान होता था।

अब नया चालू किया गया यह एडवांस स्टोरेज सिस्टम ऐसी कम मांग वाली अवधियों के दौरान पैदा होने वाली अतिरिक्त सौर बिजली को अपने भीतर सुरक्षित रख लेगा। इस तरह संग्रहीत की गई ग्रीन बिजली का उपयोग बाद में कारखाने की परिचालन जरूरतों के अनुसार किया जा सकेगा। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार यह पूरी प्रणाली प्लांट के आंतरिक बिजली ग्रिड को मजबूती और स्थिरता देने में भी बेहद मददगार साबित होने वाली है।

प्रदूषण कम करने का लक्ष्य

मारुति सुजुकी की नई पहल की घोषणा करते हुए प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी भारत में आत्मनिर्भर हरित ऊर्जा इकोसिस्टम बनाने के प्रयासों को पूरा समर्थन दे रही है। लगभग पंद्रह वर्षों के लंबे जीवनकाल वाली यह बैटरी प्रणाली कारखाने से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को हर साल करीब चौवन टन तक कम करने में मदद करेगी जो पर्यावरण के लिए एक बड़ी राहत है।

ताकेउची ने आगे बताया कि आने वाले वर्षों में कंपनी का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है लेकिन वे अपने विनिर्माण कार्यों से होने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष उत्सर्जन को कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह दृष्टिकोण मूल कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के वैश्विक विजन के बिल्कुल अनुरूप है। गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम ने हाल ही में आठ सौ एकड़ में फैले इस विशाल खरखौदा एकीकृत प्लांट का उद्घाटन किया था।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। ऑटोमोबाइल उद्योग और कॉर्पोरेट पर्यावरण नीतियों से जुड़े इस घटनाक्रम के संबंध में अधिक विवरण के लिए कंपनी की आधिकारिक विज्ञप्ति देखें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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