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तकनीकी खराबी के कारण नौसेना का ड्रोन क्रैश होने से हड़कंप

गुजरात के पोरबंदर में प्रशिक्षण उड़ान के दौरान नौसेना का ड्रोन क्रैश हो गया है, जिससे खुले मैदान में मलबा बिखर गया और तकनीकी जांच शुरू की गई है।

By अजय त्यागी
1 min read
नौसेना का ड्रोन क्रैश

नौसेना का ड्रोन क्रैश

पोरबंदर, गुजरात। भारतीय नौसेना का एक खोजी मानवरहित विमान बुधवार को नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान गुजरात के पोरबंदर जिले में धरमपुर गांव के पास अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। गनीमत यह रही कि यह भीषण हादसा एक पूरी तरह से खुले इलाके में हुआ, जिसके कारण जमीन पर किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी संपत्ति को कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि घनी आबादी के इतने नजदीक एक लड़ाकू श्रेणी का नौसेना का ड्रोन क्रैश होने से पूरे स्थानीय इलाके में काफी समय तक भारी अफरा तफरी और दहशत का माहौल बना रहा। [1]

तकनीकी खराबी

रक्षा सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार समुद्री सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए नौसेना में शामिल किया गया अत्याधुनिक दृष्टि दस स्टारलाइनर ड्रोन तकनीकी खराबी के चलते अनियंत्रित होकर जमीन पर गिर गया। पोरबंदर के तटीय क्षेत्र में इस विशिष्ट हेमीज नौ सौ आधारित खोजी प्लेटफॉर्म से जुड़ी यह दूसरी बड़ी विमान दुर्घटना है। इस विशेष प्लेटफॉर्म को सेना की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत त्वरित रूप से बेड़े में शामिल किया गया था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल दुर्घटनास्थल से विमान का पूरा मलबा अपने कब्जे में ले लिया है और इसकी विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी है। नौसेना के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए पुष्टि की है कि यह विमान पोरबंदर हवाई क्षेत्र के नजदीक प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इस हादसे के वास्तविक कारणों का सटीक पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी गई है।

गहन जांच

हादसे का शिकार हुआ दृष्टि दस ड्रोन मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस श्रेणी का एक बेहद आधुनिक मानवरहित विमान है, जिसका मुख्य उपयोग व्यापक समुद्री क्षेत्र की निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जाता है। पोरबंदर के जिला कलेक्टर एस धनानी ने संवाददाताओं को बताया कि यह विमान सौराष्ट्र क्षेत्र के इस प्रमुख तटीय शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित धरमपुर गांव के एक खाली खेत में गिरा है। जिससे कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही नौसेना के कुशल तकनीकी विशेषज्ञ और वरिष्ठ जवान तुरंत मौके पर पहुंच गए थे और उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त हिस्से को सील करके आगे की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है। रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ इस बात का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं कि उड़ान के दौरान प्रणाली में किस तकनीकी खराबी के कारण यह नौसेना का ड्रोन क्रैश हुआ, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति को पूरी तरह रोका जा सके।

निगरानी तंत्र

तटीय सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाए रखने के लिए इस प्रकार के मानवरहित विमानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। आधुनिक तकनीक से लैस यह खोजी विमान लंबे समय तक हवा में रहकर दुश्मनों की हर हरकत पर पैनी नजर रखने में सक्षम है। सेना के आला अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। इस दुर्घटना के बाद सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने तथा तकनीकी प्रणालियों के नियमित रखरखाव पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

नौसेना का ड्रोन क्रैश होने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की टीमें भी लगातार सैन्य अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही हैं। दुर्घटनास्थल के आसपास के ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और मलबे से दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई है। नौसेना का मुख्य लक्ष्य यही है कि सभी तकनीकी खामियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए, ताकि देश की समुद्री सीमाओं की हवाई निगरानी में कोई बाधा उत्पन्न न हो और आगामी प्रशिक्षण उड़ानें पूरी सुरक्षा के साथ संपन्न की जा सकें।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। गुजरात के पोरबंदर में नौसेना का ड्रोन क्रैश होने की घटना, दृष्टि दस स्टारलाइनर की तकनीकी विशिष्टताओं, सुरक्षा एजेंसियों की जांच और प्रशासनिक बयानों को समझने के लिए यह सामग्री प्रस्तुत है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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