खामेनेई का अंतिम संस्कार मशहद में संपन्न हुआ
मशहद में अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार हुआ। भारी जनसमूह और अमेरिका विरोधी नारों के बीच सर्वोच्च नेता को दी गई अंतिम विदाई।
मशहद में खामेनेई का अंतिम संस्कार
मशहद, ईरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को मशहद स्थित देश के सबसे पवित्र दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। खामेनेई का अंतिम संस्कार ईरान के इतिहास का एक बड़ा घटनाक्रम है, जिसने 37 वर्षों के शासन का विवादास्पद अध्याय औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया है। सरकारी मीडिया की सूचना के अनुसार, अंतिम विदाई के समय वहां भारी जनसमूह मौजूद था, जो शोक के साथ-साथ तीव्र आक्रोश में भी दिखाई दे रहा था। इस दौरान उनके पुत्र और उत्तराधिकारी मुज्तबा खामेनेई की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। (1)
अंतिम संस्कार का माहौल
अंतिम संस्कार में अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का सिलसिला देखने को मिला। मशहद की गलियों में शोक सभा के दौरान 'किल ट्रम्प' लिखे प्लेकार्ड्स दिखाई दिए और प्रदर्शनकारी प्रतिशोध की मांग करते रहे। समर्थकों ने चिल्लाते हुए कहा, "मैं सर्वोच्च नेता के खून की कसम खाता हूं, ट्रम्प, हम तुम्हें मार डालेंगे!" वहां मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने लगातार अमेरिका विरोधी नारे लगाए। दरगाह परिसर के आंगन में गूंजते 'डेथ टू अमेरिका' के नारों ने वहां के माहौल को अत्यंत तनावपूर्ण और उग्र बना दिया था। इस पूरे आयोजन में खामेनेई का अंतिम संस्कार एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया।
हेलीकॉप्टर द्वारा ताबूत को दरगाह के मुख्य हिस्से तक ले जाया गया, जहां बड़ी संख्या में शोक मनाने वाले लोग जमा थे। इमाम रजा के दरगाह परिसर में मौजूद कई लोगों ने मोमबत्तियां हाथ में ले रखी थीं और वे रोते हुए देखे गए। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई के बड़े बेटे मुस्तफा ने अंतिम प्रार्थना करवाई, जिसके बाद शव को ईरान के ध्वज के रंगों में रंगे ताबूत में रखकर दरगाह के भीतर ले जाया गया। आधिकारिक आईआरएनए समाचार एजेंसी ने बताया कि खामेनेई और उनके परिवार के चार सदस्यों का अंतिम संस्कार संपन्न हो गया है।
मुज्तबा खामेनेई की स्थिति
दिवंगत अयातुल्लाह अली खामेनेई के उत्तराधिकारी मुज्तबा खामेनेई की स्थिति एक अनसुलझा रहस्य बनी हुई है। मार्च की शुरुआत में एक लिपिकीय सभा द्वारा उन्हें नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया था, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद से वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि वे उस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। उनके चेहरे और अंगों को काफी चोटें आई थीं, जिसके कारण वे अभी भी स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सुरक्षा कारणों से उन्हें सार्वजनिक जोखिम से दूर रखा जा रहा है।
मुज्तबा खामेनेई के संबंध में आधिकारिक तौर पर केवल लिखित संदेश ही जारी किए गए हैं। उनके किसी भी प्रकार के वीडियो, फोटो या आवाज रिकॉर्डिंग के सार्वजनिक न होने से आम जनता और विशेषज्ञों के बीच विभिन्न प्रकार की अटकलें लगाई जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां उनकी स्थिति को पूरी तरह गोपनीय रखने का हरसंभव प्रयास कर रही हैं। तेहरान के वरिष्ठ अधिकारियों का दावा है कि स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, लेकिन अभी वे सार्वजनिक रूप से नेतृत्व संभालने की स्थिति में नहीं हैं। अयातुल्लाह अली खामेनेई के उत्तराधिकार पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
ईरान का भविष्य
अयातुल्लाह अली खामेनेई की विरासत उनके 37 वर्षों के शासन के बाद अत्यंत विवादास्पद बनी हुई है। देश के भीतर आर्थिक समस्याओं और हाल के व्यापक प्रदर्शनों के बावजूद, विश्लेषकों का मानना है कि ईरान युद्ध से रणनीतिक रूप से मजबूत होकर उभरा है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ को बनाए रखा है, जो उनके भविष्य की सैन्य शक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, लंबे संघर्षों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण आंतरिक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे जनता में गहरा असंतोष है।
अयातुल्लाह अली खामेनेई ने 1989 में सर्वोच्च नेता का पद संभाला था। उनके शासनकाल में खामेनेई का अंतिम संस्कार एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने निर्वाचित संसद और राष्ट्रपति की भूमिका को हाशिए पर धकेलते हुए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रभाव को अत्यधिक बढ़ाया है। आज यही गार्ड ईरान की राजनीति में सबसे प्रभावशाली शक्ति बन चुके हैं। उनके अंतिम संस्कार के साथ, देश के शासन के एक युग का अंत हुआ है और अब देखना होगा कि ईरान का नया नेतृत्व किस दिशा में आगे बढ़ता है। अंत में, खामेनेई का अंतिम संस्कार आने वाले वर्षों में ईरान की आंतरिक और बाह्य नीति को परिभाषित करेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सख्त कर दी गई है और देश में राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।