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नए यूजरनेम फीचर को लेकर व्हाट्सएप और सरकार के बीच चर्चा तेज

व्हाट्सएप ने सरकार को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा चर्चा पूरी होने तक वह भारत में अपना नया यूजरनेम फीचर अभी रोलआउट नहीं करेगा।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली, दिल्ली। मेटा के मालिकाना हक वाले व्हाट्सएप ने यूजरनेम फीचर को लेकर भारत सरकार द्वारा भेजे गए नोटिस का आधिकारिक जवाब दे दिया है। सूत्रों के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस समय इस तकनीकी जवाब की गहन जांच कर रहा है। सरकार ने पिछले हफ्ते व्हाट्सएप को एक विशेष नोटिस भेजा था जिसमें इस नए फीचर पर गहरी चिंता जताई गई थी। सरकार को यह आशंका थी कि इस व्यवस्था से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और फर्जीवाड़ा जैसी आपराधिक घटनाएं काफी बढ़ सकती हैं। [1]

इस नए फीचर के आने से लोग बिना फोन नंबर साझा किए भी आपस में आसानी से बात कर सकेंगे। इसी वजह से सरकार ने बातचीत पूरी होने तक इस यूजरनेम फीचर को भारत में लॉन्च न करने का सख्त निर्देश दिया था। व्हाट्सएप ने सरकार को भरोसा दिया है कि वह पूरी चर्चा संपन्न होने तक भारत में इसे रोलआउट नहीं करेगा। कंपनी ने बताया कि यह सुरक्षा फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है और इसे इस साल के अंत तक धीरे-धीरे सुरक्षा जांच के बाद ही लाया जाएगा।

सुरक्षा के कड़े उपाय

फर्जीवाड़े से बचने के लिए कंपनी ने मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थाओं और वेरिफाइड खातों के नाम पहले से ही सुरक्षित रख लिए हैं ताकि कोई उनका गलत इस्तेमाल न कर सके। व्हाट्सएप का उपयोग करने के लिए भविष्य में भी फोन नंबर की जरूरत अनिवार्य बनी रहेगी। इसके अलावा कंपनी ने सुरक्षा के कई अन्य उपाय भी किए हैं। इस नए यूजरनेम फीचर का बार-बार अनुमान लगाने की कोशिशों को सिस्टम द्वारा पूरी तरह ब्लॉक किया जाएगा ताकि यूजर का डेटा सुरक्षित रहे।

इसके तहत पहली बार अनजान मैसेज भेजने वाले की पूरी जानकारी जैसे नया खाता, देश या कॉमन ग्रुप की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस कृष्णन ने बताया कि व्हाट्सएप का जवाब मिल गया है। उन्होंने यह भी कहा कि टेलीग्राम और सिग्नल जैसी अन्य मैसेजिंग ऐप्स को भी उनके मौजूदा यूजरनेम फीचर को लेकर नोटिस भेजे गए हैं। उन्हें इस विषय पर जवाब देने के लिए सरकार की तरफ से अभी थोड़ा और समय दिया गया है।

अन्य ऐप्स पर शिकंजा

भारत में व्हाट्सएप के पचास करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं जबकि टेलीग्राम के यूजर्स इसकी तुलना में काफी कम हैं। वर्तमान में मेटा और टेलीग्राम पिछले कुछ दिनों से अन्य कानूनी मामलों का भी सामना कर रहे हैं। सरकार ने इंस्टाग्राम विज्ञापनों में बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर मेटा को सख्त नोटिस भेजा है। इसके अलावा इस यूजरनेम फीचर से अलग टेलीग्राम को अपने प्लेटफॉर्म पर फिल्मों और ओटीटी कंटेंट की पायरेसी रोकने के लिए कड़ा निर्देश दिया गया है।

व्हाट्सएप और सरकार के बीच चल रही इस बातचीत के नतीजों पर देश के करोड़ों यूजर्स की निगाहें टिकी हुई हैं। आईटी मंत्रालय इस बात की पुष्टि करना चाहता है कि बिना नंबर के चैटिंग की सुविधा से देश की डिजिटल सुरक्षा प्रणाली और साइबर कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। सुरक्षा मानकों का पूरी तरह सत्यापन होने के बाद ही इस यूजरनेम फीचर को भारतीय बाजार में सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए जारी करने की अनुमति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मैसेजिंग ऐप्स के नए फीचर्स और सुरक्षा मानकों को लेकर सरकार की यह समीक्षा अभी प्रक्रियाधीन है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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