बीएड कालेजों का पर्दाफाश: अधिकाँश केवल कागजो में संचालित
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले कई निजी बीएड कालेजों का पर्दाफाश हुआ है। 30 संस्थानों में गंभीर खामियां और धोखाधड़ी उजागर हुई है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
भोपाल, मध्य प्रदेश। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) भोपाल से संबद्ध बीएड कॉलेजों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसने पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। नए शैक्षणिक सत्र के लिए आवेदन करने वाले 127 निजी कॉलेजों में से 30 में गंभीर खामियां पाई गई हैं। इस बड़े खुलासे ने शैक्षणिक संस्थाओं को मान्यता देने की पूरी सरकारी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। [1]
सनसनीखेज खुलासा
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला विदिशा रोड स्थित ‘श्रीराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन’ का सामने आया है। रिकॉर्ड के मुताबिक यह कॉलेज पिछले 10 वर्षों से विश्वविद्यालय से संबद्ध है, लेकिन जब टीम ने धरातल पर औचक निरीक्षण किया, तो वहां कॉलेज का नामोनिशान तक नहीं मिला। सामाजिक कार्यकर्ता भगवान सिंह राजपूत की शिकायत के बाद शुरू हुई इस जांच में यह भी पता चला कि इटारसी के एचएल अग्रवाल बीएड कॉलेज और एचएल अग्रवाल कॉलेज ऑफ एजुकेशन, दोनों एक ही पते पर दिखाए गए थे, जबकि वहां कोई भवन मौजूद ही नहीं था।
इस व्यापक बीएड कालेजों का पर्दाफाश होने से विश्वविद्यालय प्रशासन और निरीक्षण टीमों की कार्यप्रणाली पूरी तरह कटघरे में खड़ी हो गई है। कागजों पर चल रहे इन संस्थानों द्वारा वर्षों से छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था, जिसकी भनक लंबे समय तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को नहीं लगी। यह मामला शिक्षा जगत में फैले भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मिलीभगत के गंभीर सवाल खड़े करता है। मध्य प्रदेश के इस बड़े बीएड कालेजों का पर्दाफाश मामले ने अब तूल पकड़ लिया है।
मामले की जांच
विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच अब एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश (रिटायर्ड जज) से कराने का कड़ा निर्णय लिया है। जांच का दायरा केवल इन फर्जी कॉलेजों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन सभी मामलों को गहराई से खंगाला जाएगा जिनमें भारी लापरवाही बरती गई है। विशेष रूप से उन अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी, जिन्होंने बिना किसी भौतिक निरीक्षण के ही कॉलेजों की प्रोफाइल को ई-पोर्टल पर ‘ओके’ कर अपलोड कर दिया था।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस बीएड कालेजों का पर्दाफाश होने के बाद जो भी कॉलेज संचालक या आंतरिक अधिकारी इसमें संलिप्त पाए जाएंगे, उन सभी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा जगत में भ्रष्टाचार के इस बड़े खेल को उजागर करने के बाद अब मान्यता देने की पूरी ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। दोषी पाए जाने वाले तत्वों के खिलाफ जल्द ही एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी भी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी धांधली रोकी जा सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट बरकतउल्ला विश्वविद्यालय प्रशासन, आधिकारिक जांच समितियों और विश्वसनीय समाचार एजेंसियों से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सामान्य सूचना और जन-जागरूकता के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।