हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका ईरान संघर्ष फिर से चरम पर पहुंच गया। दोनों देशों ने एक दूसरे के ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं।
क्यूबा में अचानक राष्ट्रीय ग्रिड ठप होने से पूरा देश भीषण अंधेरे में डूब गया, जिससे आवश्यक सेवाओं समेत आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
चीन ने परमाणु पनडुब्बी से प्रशांत में मिसाइल दागकर खलबली मचा दी है जिससे अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसी शक्तियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
रूसी मिसाइल हमलों से दहल उठे यूक्रेन में हवाई रक्षा प्रणाली कमजोर हो गई, जिससे जानमाल का भारी नुकसान हुआ है और नाटो से मदद मांगी है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के जरिए ईरान राजनीति में अपनी धाक जमा रहा है और अमेरिकी दबाव को खारिज कर झुकने से इनकार कर रहा है।
फ्रांस के जंगलों में आग लगने से स्पेन सीमा के पास हाहाकार मच गया। भीषण लपटों के कारण 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
मिंडानाओ क्षेत्र में 5.8 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। मौसम विभाग और सीस्मोलॉजी एजेंसी फिवोल्क्स द्वारा भूकंप के बाद की स्थिति को लेकर अलर्ट जारी।
वेनेजुएला में भूकंप से तबाही के बाद मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। दोहरे भूकंप के झटकों के बाद देश में हजारों लोग बेघर हो गए हैं और राहत कार्य जारी है
चीन के नानिंग में बाढ़ का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। टाइफून मायसैक के कारण हुई भारी बारिश के बाद नदी और बांध पानी से पूरी तरह भर गए हैं।
बांग्लादेश के रोहिंग्या शिविरों में भूस्खलन से बच्चों सहित आठ लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के बीच राहत कार्य जारी है कई घायल हुए हैं।
250 वर्ष पुरानी स्वतंत्रता की घोषणा की दुर्लभ प्रति ब्रिटिश अभिलेखागार में मिली। इस दुर्लभ प्रति ने वैश्विक इतिहासकारों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
भीषण भूकंप की विभीषिका आज भी साफ देखी जा रही है। दोहरे विनाशकारी झटकों के बाद मलबे से रेस्क्यू किए गए पीड़ितों ने प्रशासन के धीमे रवैये पर भारी नाराजगी जताई है।
अमेरिकी दक्षिणपंथियों का मार्च देखने को मिला। वाशिंगटन में स्वतंत्रता दिवस के समारोहों के बीच इस बड़े प्रदर्शन ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया।
ईरानी नेता का शोक मनाने तेहरान में लाखों लोग उमड़े। भीषण युद्ध विराम के बीच दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार को अंतिम विदाई दी गई।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले के बाद टीपीएस संरक्षण समाप्त होने से अचानक वहां रहने वाले शरणार्थियों पर संकट खड़ा हो गया है।