यूक्रेन और बेलारूस का तनाव बढ़ने पर राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि यदि सहयोग बंद नहीं हुआ, तो यूक्रेन स्वयं कार्रवाई करेगा।
लेबनान में संघर्ष विराम के दावे और जमीनी हकीक़त में चिंताजनक विरोधाभास है। इजरायली हमलों में 20 लोगों की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को बंद करने के एलान ने अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों को संकट में डाल दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए बन रहे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक समझौते से एक बड़ा आर्थिक और कूटनीतिक विरोधाभास पैदा हो रहा है।
रिफाइनरी पर भीषण ड्रोन हमला होने के बाद तेल भंडारण टैंक का विशाल ढक्कन उड़ गया, जिससे पूरे क्षेत्र में तेल संकट गहरा गया है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप पर झूठी कहानी गढ़ने का आरोप लगाया है, जिससे दोनों देशों के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में कड़वाहट आ गई है।
कांगो के किगोंजे विस्थापित नागरिक शिविर में ईबोला का कहर चिंता का विषय बन गया है। डेढ़ माह में लगभग तीस लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नए प्रमुख के कार्यकाल में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले सार्वजनिक हो चुके हैं जिससे वैश्विक कूटनीति और आर्थिक समीकरण पूरी तरह बदल गए है
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू करने के लिए हस्ताक्षरित इस्लामाबाद ज्ञापन में शामिल समझौते की प्रमुख शर्तें आधिकारिक रूप से साझा कर दी गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी संकट के बीच अमेरिका ईरान का अंतरिम समझौता दोनों देशों के राष्ट्रपतियों द्वारा हस्ताक्षरित कर सार्वजनिक कर दिया गया है।
बदलते सुरक्षा माहौल और आम लोगों की सुविधा के लिए सैन्य सीमा सुरक्षा में बदलाव का एक बड़ा फैसला लिया गया है जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में पाबंदियां कम होंगी।
रूस और युक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच मंगलवार देर रात बेबस नागरिकों पर भीषण बमबारी। हमले में कई लोगों की मौत और संपत्तियों को नुकसान।
प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित द्वीप पर तीव्र भूकंप के झटके और तबाही देखी गई है जिसके कारण भारी बुनियादी नुकसान हुआ है।
बढ़ते वैश्विक विवादों और आर्थिक संकटों के बीच संयुक्त राष्ट्र की गिरती साख को बचाने के लिए वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार की मांग तेज हो गई है।
फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक से ठीक पहले वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है जिससे निवेशकों की बेचैनी बढ़ गई है।