गंभीर हालत में भर्ती एक युवक के सिर में फंसी जंग लगी कुल्हाड़ी को कोटा मेडिकल कॉलेज के सर्जन्स ने जटिल ऑपरेशन कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
जयपुर के प्रसिद्ध SMS अस्पताल में डॉक्टरों ने अत्याधुनिक तकनीक से महिला के तीन अंगों का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सा क्षेत्र में इतिहास रचा है।
सुख शांति और वैश्विक सद्भाव की मंगल कामना के साथ शिवभक्तों का एक विशेष जत्था गोमुख से पावन गंगाजल लाने के लिए कावड़ यात्रा पर पैदल रवाना हो गया है।
विभागों द्वारा जारी की गई विसंगतियों से भरी तबादला सूची में मृत कर्मचारियों और विधायकों के नाम शामिल होने से गंभीर प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई।
अच्छी बारिश की कामना के लिए आयोजित अनूठी कला कार्यशाला में सैकड़ों चित्रकारों ने पुरानी संदूकों पर रंगों से खूबसूरत बादल उकेरे हैं।
राजस्थान के बालोतरा में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और डंपर के बीच हुई भयंकर टक्कर। भीषण सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हैं।
हनुतपुरा में अमर शहीद बाबूलाल हरितवाल की याद में भव्य प्रतिमा अनावरण समारोह का सफल आयोजन किया गया है जहां विशाल स्वैच्छिक शिविर भी लगा है।
एडिटर एसोसिएशन ऑफ न्यूज पोर्टल्स के तत्वावधान में जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया। जहां 101 मेधावी विद्यार्थी सम्मानित हुए।
भीलवाड़ा के महेश छात्रावास में आरोग्य भारती चित्तौड़ प्रांत की प्रांतीय बैठक आयोजित की गई है। संस्था ने स्वस्थ राष्ट्र के संकल्प को दोहराया।
भीलवाड़ा में भारत विकास परिषद की महत्वपूर्ण कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। संस्था ने 15 स्कूलों में गुरु वंदन कार्यक्रम शुरू करने का लक्ष्य रखा।
भीलवाड़ा में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया है।
भीलवाड़ा में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव से पूर्व श्रृद्धालुओं ने मानव सेवा का धर्म निभाते हुए पहली बार विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया।
बीकानेर में ऐतिहासिक सेवा कार्यों के साथ नए रोटरी वर्ष का आग़ाज हुआ। संस्था ने स्कूल में छात्राओं के लिए फर्नीचर और वृद्धाश्रम में आवश्यक व्हीलचेयर्स भेंट कीं।
भीलवाड़ा में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भारत विकास परिषद और विभिन्न संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
नौगावां सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट की बैठक में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और सुगम दर्शन के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए