दूध संकलन बढ़ा जिससे 18 अगस्त को 4.41 लाख लीटर प्रतिदिन का नया रिकॉर्ड बना। पशुपालकों की भागीदारी से डेयरी ने अब 5.50 लाख लीटर का लक्ष्य तय किया।
तुलसीदास जयंती पर रामधाम आश्रम में संतों का सत्संग हुआ। रामचरितमानस की व्याख्या, महाआरती और चातुर्मास के गीता प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को जोड़ा।
यूजीसी नियम पर भीलवाड़ा में विरोध तेज हुआ। समिति ने झूठी शिकायतों की आशंका जताई, निष्पक्ष जांच की मांग की और दिल्ली में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
आरएसवी की छात्राओं ने अहमदाबाद में तीरंदाजी में 4 पदक जीते। प्राची और आध्या पुरोहित का सीबीएसई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है।
हनुमान चालीसा पाठ की 14वीं कड़ी भक्ति भाव से पूरी हुई। राम भजनों के बीच महंत ने अर्थ समझाया और 30 अगस्त के निशुल्क चिकित्सा शिविर की जानकारी दी।
8 साल की उम्र में पैर गंवाने वाले रुद्रांश का अर्जुन अवॉर्ड में नाम आया है। 4 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 25 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मेडल उनकी कहानी बताते हैं।
सीएमओ को धमकी देने वाले आरोपी को पुलिस ने पकड़ा। तकनीकी जांच से उसकी पहचान हुई और मुख्यमंत्री कार्यालय की तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
अलवर मेडिकल कॉलेज को शुरू हुए 3 साल से ज्यादा हो गए, लेकिन न्यूरोसर्जन समेत सुपर स्पेशलिटी सेवाएं अब भी नहीं हैं, मरीज जयपुर रेफर हो रहे हैं।
100 आइकन्स के आवेदन शुरू, 55 महिलाओं और 45 पुरुषों का चयन होगा। 31 अगस्त तक आवेदन का मौका, चयनित लोगों को मिलेगी खास पहचान।
अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से पुराने मार्ग पर 50 से अधिक पक्के निर्माण हटाए गए। अब यहां फूलों की बाड़ी विकसित करने की तैयारी है।
लहरिया महोत्सव में सावन की रंगत के बीच महिलाओं ने नृत्य, गायन और प्रतियोगिताओं में हुनर दिखाया। नीतू बनीं मिसेज लहरिया, सृष्टि ने मिस का खिताब जीता।
रामेश्वरम में 250 महिलाओं की भागीदारी वाले स्वर्णिम कार्यकर्ता गुरुकुल में नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास और संगठन कौशल का प्रशिक्षण देकर महिला शक्ति को नई दिशा दी।
वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत की, 2028 तक 70 प्रतिशत का लक्ष्य, स्वच्छ ऊर्जा पर बढ़ा जोर।
झुंझुनूं की सिहोड पीएचसी ने कायाकल्प अवॉर्ड में 99.44 प्रतिशत स्कोर के साथ प्रदेश में पहला स्थान पाया। केंद्र को 2 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
जयपुर में 108 श्रद्धालुओं ने तत्त्वार्थ सूत्र की परीक्षा दी। महिलाओं और पुरुषों की लगभग बराबर भागीदारी रही। मंदिर समिति आगे भी परीक्षा और पुरस्कार आयोजित करेगी।