37 साल पुरानी हाथ की विकृति से जूझ रहे बाबूलाल की सफल जटिल प्लास्टिक सर्जरी के बाद हाथ की कार्यक्षमता लौटी और वे फिर से मजदूरी कर रहे हैं।
नकली कैंसर दवाओं का मामला सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। 90 से ज्यादा अस्पतालों तक संदिग्ध दवाएं और आईसीयू में इंजेक्शन पहुंचने की बात सामने आई है।
दवा वितरण केंद्र के नए भवन का निर्माण शुरू। सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में आने वाले मरीजों और परिजनों को दवा लेने में सुविधा बढ़ने की उम्मीद।
मरीज के परिजनों से कथित दुर्व्यवहार की शिकायत के बाद अस्पताल का लाइसेंस निलंबित, नई भर्ती और नई सेवाओं पर रोक, जांच में रिकॉर्ड और CCTV सुरक्षित रहेंगे।
बेंगलुरु के नकली दवा रैकेट की जांच अब 6 राज्यों तक पहुंच गई है। SIT ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर नेटवर्क और दवाओं की सप्लाई से जुड़ी कड़ियां खंगालनी शुरू की हैं
खाद्य सुरक्षा अभियान तेज होने के साथ खाने पर सख्ती बढ़ी है। पैक्ड फूड पर चेतावनी लेबल की तैयारी ने कंपनियों और उपभोक्ताओं दोनों का ध्यान खींच लिया है।
पॉलिमर तकनीक के जरिए आईआईटी मद्रास ने ऐसी जीवाणुरोधी सतह विकसित की है जो रसायनों के बिना बैक्टीरिया को नष्ट करने में सक्षम है। तकनीक को पेटेंट भी मिल चुका है।
बिना लाइसेंस दवा रखने के आरोप में अमेजन से जुड़े 2 गोदामों पर छापे पड़े और 4,02,352 रुपये की दवाएं जब्त हुईं, अब आगे की कार्रवाई होगी।
रेबीज टीके पर सवाल के बीच सरकारी जांच में अबहेयरैब बैच KE25012 मानकों पर खरा नहीं उतरा। नकली दवा की आशंका पर जांच जारी है। 4 लोग गिरफ्तार हुए।
बांग्लादेश में डेंगू से मौत का आंकड़ा 107 पहुंच गया है। 24 घंटे में 5 और लोगों की जान गई और 1110 नए मरीज अस्पताल पहुंचे। अगस्त में भी हालात बिगड़े।
अंगुल में स्क्रब टाइफस के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। 4 मरीजों की पुष्टि हुई है और एक मरीज की मौत को लेकर कारणों की जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ में HIV संक्रमण के बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य विभाग चिंतित। प्रदेश के आठ प्रमुख ART केंद्रों में उपचार करा रहे संक्रमित लोगों की कुल संख्या 16705 है।
राजस्थान में H1N1 के अगस्त में 55 मामले सामने आए हैं। इस साल अब तक कुल 146 केस मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाई और घबराने से बचने को कहा।
अग्नाशय कैंसर के इलाज में बड़ी कामयाबी मिली है। FDA ने Rasonque को मंजूरी दी है, ट्रायल में मरीजों की औसत जीवित रहने की अवधि करीब दोगुनी हुई।
सफदरजंग अस्पताल में पहली रोबोटिक घुटना सर्जरी ने नई मिसाल कायम की। 75 साल के आर्थिक रूप से कमजोर मरीज का आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त इलाज हुआ।