जन्माष्टमी पर गौसेवा को लेकर धार्मिक परंपरा में विशेष भाव माना जाता है। इसी भाव के साथ तुलसी सर्किल की गौशाला में मीठा दलिया और हरा चारा खिलाया गया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर कोटा में 28 शिक्षकों को सम्मान पत्र और यूनिफॉर्म जैकेट दी गईं। शिक्षक सम्मान और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल यादगार बनाया।
कोटा में ओवरी ट्यूमर के करीब 1.5 किलो के जटिल मामले की सफल सर्जरी हुई। 63 वर्षीय महिला 3 दिन में चलकर घर गईं और डॉक्टरों ने जांच को जरूरी बताया।
राजस्थान में भारत को जानो प्रतियोगिता ने रिकॉर्ड बनाया। 6,06,973 विद्यार्थियों की भागीदारी से 5 लाख का लक्ष्य पार हुआ और अब भीलवाड़ा में होगा क्षेत्रीय मुकाबला।
टैक्स ऑडिट की बारीकियों पर 100 से अधिक सीए ने मंथन किया। मास्टरक्लास में क्लॉजवार रिपोर्टिंग अनुशासनात्मक मामलों और बदलते प्रावधानों पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक
दूरबीन सर्जरी के बड़े सम्मेलन में 500 से अधिक सर्जन जुटेंगे, लाइव ऑपरेशन और रोबोटिक तकनीक से युवा डॉक्टरों को नई सर्जरी सीखने का मौका मिलेगा।
युवा उड़ान का विमोचन शिक्षक दिवस पर होगा। प्रेरक आलेखों से सजी किताब युवाओं को सोच बदलने और सपनों को दिशा देने का संदेश देगी।
राजस्थान में एक महिला को निर्वस्त्र घुमाया गया, पति और 6 अन्य हिरासत में, कपड़े फाड़ने और बाल काटने के आरोप, पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू की।
दधीचि जयंती पर रक्तदान शिविर की तैयारियां तेज, युवाओं से भागीदारी की अपील। पोस्टर विमोचन में समाजसेवा से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर उत्साह।
नेत्रदान जागरूकता के तहत कॉलेजों में सेमिनार हुए, विद्यार्थियों को प्रक्रिया और चिकित्सकीय पहलुओं की जानकारी देकर भ्रांतियां दूर की गईं।
अखिल भारतीय बैठक पहली बार भीलवाड़ा में होगी, 6 दिन तक भारत और नेपाल के पदाधिकारी जुटेंगे, जनजाति समाज से जुड़े मुद्दों और भविष्य की योजनाओं पर मंथन होगा।
नन्हे कान्हा और राधा के रूप में बच्चों ने कृष्ण लीला में कृष्ण जन्म, रासलीला, कंस वध और कृष्ण सुदामा मिलन के प्रसंग मंच पर जीवंत किए, मटकी फोड़ ने बांधा समां।
आगामी शिक्षक दिवस के अवसर पर कोटा में 3 शिक्षण संस्थानों के 78 शिक्षकों का सम्मान हुआ, शिक्षा और समाज निर्माण में योगदान को सराहा गया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कोटा में कला और भक्ति का खास रंग दिखेगा, कथक में कृष्णलीला दिखाएंगे कलाकार, और हवेली संगीत भी सुनाई देगा।
डाकघर बंद रहने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी है और सरकारी भवन उपलब्ध होने के बावजूद शाखा डाकघर के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।