भीलवाड़ा में दिवंगत रामजस गगरानी के परिजनों ने दुख की घड़ी में नेत्रदान का संकल्प लिया। 2 दृष्टिहीनों के जीवन में इस नेत्रदान से रोशनी लौटने की उम्मीद जगी है।
महान गायक मुकेश की पुण्यतिथि पर सूर्या कला केंद्र संस्था की ओर से 30 अगस्त को मुकेश नाइट का आयोजन होगा। कार्यक्रम में कई कलाकार मुकेश के सदाबहार गीत पेश करेंगे।
जंक फूड पर रोक के साथ राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल गेट से 50 मीटर तक बिक्री पर सख्ती की है, 4 हफ्ते में कमेटी और 8 हफ्ते में मेन्यू बोर्ड अब लगेंगे।
सावन में रानी सती दादी के सिंधारा और झूला उत्सव में मंगल पाठ, झांकियों, नृत्य और महाआरती ने श्रद्धालुओं को भक्ति में डुबो दिया आस्था का रंग छाया।
31 अगस्त को भारत को जानो परीक्षा होगी। राजस्थान में 3500 से ज्यादा स्कूलों के 5 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़ेंगे। प्रदेशभर में तैयारियां पूरी हैं।
मांडल में साहसिक तरुणियां आग, दलदल, दुर्गम राह और कठिन बाधाओं से भिड़ीं। 200 से अधिक बहनों ने अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का दम दिखाया।
बीकानेर के पीबीएम में शौचालय की सुविधा बढ़ी, NLCIL की CSR पहल से मरीजों और परिजनों को राहत, 2 नए ब्लॉक जनता को समर्पित किए।
कच्ची बस्ती में 40 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं की जांच में खून की कमी सामने आई। आयरन और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी गई।
बीकानेर में ज्योतिषविद् श्रीराम बिस्सा की वर्षों की साधना और अनुभव पर आधारित पुस्तक का विमोचन हुआ, विद्वानों ने इसे उपयोगी कृति बताया।
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में मारपीट से मचा हंगामा। ग्लूकोज स्टैंड से हमले का आरोप और पत्नी पर जहर देने की शिकायत ने मामला बढ़ाया।
सावन में भीलवाड़ा के श्री बालाजी मंदिर में 51 पंडितों ने भगवान शिव का 21 हजार लीटर गंगाजल से अभिषेक किया, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर।
बीकानेर में नवग्रह शांति अनुष्ठान के दौरान जैन साधना, मंत्र जाप और आत्मशक्ति जागरण के जरिए जीवन में सकारात्मकता और मानसिक संतुलन का संदेश दिया गया।
जैन संस्कार विधि से रक्षाबंधन मनाने का संदेश, नोखा में कार्यशाला के दौरान पारिवारिक और धार्मिक संस्कारों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
नोखा में 10 दिवसीय शूटिंग ट्रेनिंग कैंप शुरू हुआ है। बच्चों और युवाओं को प्रशिक्षित कोच की निगरानी में निशानेबाजी की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
आध्यात्मिक सुख को जीवन में संतुलन और सकारात्मक सोच का आधार बताते हुए बीकानेर में तीन दिवसीय संवाद कार्यक्रम के अंतिम दिन यज्ञ और ईश्वर ध्यान पर चर्चा हुई।